Internet क्या है? लाभ तथा नुकसान | Internet Meaning in Hindi

Internet Meaning in Hindi: इंटरनेट दुनिया का बहुत ही बड़ा नेटवर्क है यह इंसानों की मूलभूत जरूरत बन चुका है. इसके बिना जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती. Internet की मदद से आप सभी प्रकार की जानकारी प्राप्त कर सकते है।
यहाँ तक की आप ये जो आर्टिकल पढ़ रहे है वो भी इंटरनेट की मदद से है। आज के समय में इन्टरनेट व्यापार से लेकर बैंकिंग, एजुकेशन, कम्युनिकेशन, टेक्नोलॉजी और मनोरंजन का एक प्रमुख केंद्र बना हुआ है। असल में यह एक बहुत बड़ा जाल है। जहा से कोई भी किसी भी समय पर जानकारी प्राप्त कर सकता है ये सभी के लिए free है।
आज के इस आर्टिकल में हम आपको इंटरनेट क्या है? इंटरनेट का उपयोग और इसकी इम्पोर्टेंस क्या है के बारे में विस्तार से बताने जा रहे है
इंटरनेट क्या है? What is Internet in Hindi
इंटरनेट बहुत सारे Networks का ऐसा जाल है यहाँ पर सभी नेटवर्क एक दुसरे के साथ जुड़े हुए होते हैं. यह एक ग्लोबल कंप्यूटर नेटवर्क होता है जो पूरे World के Computers को एक दूसरे से जोड़ता है और दुनियाभर के कंप्यूटर में नेटवर्क का आदान प्रदान करता है।
Internet के माध्यम से जानकारी को एक जगह से दूसरी जगह भेजना बहुत आसान हो जाता है इसके साथ कभी भी information निकली जा सकती है। इंटरनेट के माध्यम से Video Chat, email send, online education बहुत आसानी से किया जा सकता है।
इंटरनेट की खोज किसने की
इंटरनेट की खोज करना किसी एक व्यक्ति के बस की बात नहीं थी बल्कि इसकी खोज बहुत सारे Scientist और Engineers के द्वारा की गई। सन 1957 में COLD WAR के समय, अमेरिका को लगा की एक ऐसी Technology बनाई जाये जिस से की सभी computers को एक दूसरे से जोड़ा जा सके.
इसके लिए अमेरिका ने Advanced Research Projects Agency (ARPA) की स्थापना की जिसका उद्देश्य ऐसी Technology को बनाना था, जिससे की एक कंप्यूटर को दूसरे कंप्यूटर से जोड़ा जा सके।

सन 1969 में इस Agency ने ARPANET System को बनाया जिसकी सहायता से किसी भी कंप्यूट को दूसरे Compuer से जोड़ा जा सकता था। इसके बाद सन 1980 में इसका नाम Internet रख दिया गया।
1969 के अंत तक, ARPAnet से सिर्फ चार कंप्यूटर जुड़े थे, लेकिन 1970 के दौरान यह नेटवर्क लगातार बढ़ता गया। 1971 में, इसने University of Hawaii के ALOHAnet को जोड़ा और दो साल बाद इसने लंदन के यूनिवर्सिटी कॉलेज और नॉर्वे के रॉयल रडार प्रतिष्ठान में नेटवर्क को जोड़ा।
सबसे पहला Email Ray Tomlinson ने भेजा था। जैसे जैसे इसके फायदे का पता चलता गया वैसे वैसे ही इसका इस्तेमाल बढता गया.
इन्टरनेट का मालिक कौन है?
Internet का मालिक कोई नहीं है इस पर किसी एक व्यक्ति का अधिकार नहीं है और कोई भी देश या किसी भी देश की सरकार या कंपनी इन्टरनेट पर किसी भी प्रकार का एकाधिकार नहीं रखती है.
Internet Full Form
इंटरनेट का फुल फॉर्म “Inter Connected Network” होता है, जो की असल में एक बहुत ही बड़ा network है. इसे World Wide Web या simply the Web भी कहा जाता है।
भारत में इन्टरनेट कब शुरू हुआ था?
भारत में internet service को सन 14 August 1995 में इसे state-owned Videsh Sanchar Nigam Limited (VSNL) के द्वारा लांच किया गया। जब भारत में इन्टरनेट की शुरुआत हुई थी तब इससे मात्र 20-30 कंप्यूटर ही जुड़े थे और इन्टरनेट कनेक्शन का खर्च भी बहुत ज्यादा था।
पहले 9 se 10 kbps स्पीड के इंटरनेट का montly खर्चा 600 से 700 रूपये आता था जो की बहुत ज्यादा था। जबकि समय के साथ साथ अब ये सभी के पास पहुंच चूका है। लगभग सभी कामो में इंटरनेट का उपयोग हो रहा है।
इंटरनेट कैसे काम करता है?
बहुत से लोग ये सोचते है की Internet सेटेलाईट की मदद से चलता है. अगर हाँ तो आप गलत सोच रहे है। असल में यह Optical Fiber की मदद से चलता है। Internet में Computers एक दुसरे के साथ connected होते हैं और यह और छोटे network से कनेक्ट होते है। और ये सभी एक दूसरे के साथ TCP/IP के माध्यम से कनेक्ट होते है। और एक जगह से दूसरी जागर Data Transfer करते है।
इंटरनेट के प्रकार
इन्टरनेट भी बहुत से प्रकार के होते हैं इसमें आप एक personal electronic device को internet के साथ connect कर सकते हैं. ये सभी connections अलग अलग hardware का इस्तमाल करते हैं और प्रत्येक की अलग अलग Internet Speed होती है। आइये जानते है की इंटरनेट कितने टाइप के होते है।
1. Dial-Up Connection
इसमें analog signal को convert किया जाता है digital में via modem के और फिर उसे भेजा जाता है एक land-line service में एक public telephone network के द्वारा. Dial-up access बहुत ही सस्ता होता है लेकिन वहीँ उतना ही slow भी. एक modem (internal या external) connect होता है।
2. DSL Connection
DSL एक wired Connection होता है इसमें आपको किसी भी number को dial करने की जरुरत ही नहीं पड़ती। इसकी स्पीड 128K से लेकर 8 Mbps के बीच होती है।
3. Cable Connection
इंटनेट में Uploading और Downloading Speed अलग अलग होती है। अगर आपको भी अच्छी स्पीड कहते तो आपको Cable Connnection का use करना चाहिए इसकी speed 512K से 20 Mbps के बीच होती है।
4. Fibre Connection
यह टेक्नोलॉजी Fibre optic पर वर्क करती है। इसमें Electric signal को लाइट में कन्वर्ट करके lingh फॉर्म में एक जगह से दूसरी जगह tranfer किया जाता है। इसमें Internet Speed 10 से लेकर 100 Mbps रतक होती है।
Internet Type पर इसकी Speed निर्भर करती है अगर आपके paas high speed conntection है तो आप बहुत जल्दी से information निकाल सकते है और किसी को भेज सकते है। आज के समय में बहुत सारे broadband service provider है जो की बहुत सस्ते है।
इंटरनेट की विशेषताएं क्या हैं?
इंटरनेट एक वर्सेटाइल प्लेटफ़ॉर्म है जिसके हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी में कई असरदार इस्तेमाल होते हैं। इंटरनेट के मुख्य फीचर्स नीचे दिए गए हैं:
इस्तेमाल करने में आसान
इंटरनेट का इस्तेमाल करना बेहद ही आसान है, इसको एक्सेस करने के लिए वेब ब्राउज़र की जरुरत होती है। इसे आसानी से सीखा और इस्तेमाल किया जा सकता है। साथ ही, इसे डेवलप करना भी आसान है।
फ्लेक्सिबिलिटी
इंटरने टके जरिये डेटा ट्रांसफर आसानी से किया जा सकता है। असल में, इंटरनेट नेटवर्क ज़्यादातर मामलों में एनालॉग फ़ॉर्म में वॉइस जानकारी के बजाय डिजिटल फ़ॉर्म में जानकारी देता है।
एक्सेसिबिलिटी
इंटरनेट सर्विस दुनिया भर में फैली हुई है और सभी के लिए उपलब्ध है। कोई भी कही से इसका इस्तेमाल कर सकते है। इसलिए, इंटरनेट के ज़रिए जानकारी नेटवर्क पर एक स्टैंडर्ड तरीके से बहती है।
निष्कर्ष
अब तो आप समझ ही गए होंगे की Internet kya है, Internet Full Form और इसका इस्तेमाल कैसे करे। आज के समय में इसके बिना जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। यहाँ तक की अभी जो आप article पढ़ रहे है वो भी इंटरनेट के माध्यम से ही आपके पास पंहुचा है।
उम्मीद करते है कि ये लेख आपको पसंद आएगा और इस से बहुत कुछ सिखने को मिलेगा। अगर इस से जुड़ा कोई सवाल हो तो कमेंट कर के जरूर बताया। अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगी है तो, इस लेख को अपने दोस्तों के साथ अधिक से अधिक शेयर करे।







